पता नहीं लोग दो चार किताबें पढ़ के कैसे इतने सीरियस हो जाते हैं, मैं तो कितनी भी किताबें पढ़ लूँ कभी सीरियस नहीं हो पाऊँगी सुरेन्दर जी,कभी सीरियस नहीं हो पाऊँगी...
#रबनेबनादीजोड़ी