सुप्रिया दुबे Supriyaa Dubeyy
मेरे अल्फ़ाज़
थक गया है मन, है थकन में बदन भी,
और ठहरना भी नहीं है, लक्ष्य पाने तक!
~ सुप्रिया दुबे ©
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