मिशन यूपीएससी

मेरी आँखों में हैं कुछ सपने
सपने, कुछ कर गुजरने के...
देश की सेवा करने के...
मायूस चेहरों पर मुस्कान लाने के...
जिन्हें पूरा करने के लिए
मुझे करने होंगे कई बड़े त्याग,
त्याग, जो हर किसी के लिए सम्भव नहीं,
मुझे नहीं है अधिकार
किसी के प्रेम में पड़ने का...
न ही किसी की यादों में दिन भर खोए रहने का,
मैं नहीं पिघल सकती किसी के प्रेम-प्रस्ताव से,
ऐसे में कुछ लोग मुझे कर देंगे नवाजित
नकचढ़ी और घमंडी जैसी उपाधियों से,
मुझे त्यागने होंगे हर सुख
एक लंबे समय के लिए,
खुद को करना होगा बन्द
एक चार छोटे कमरे में
जिसमें सिर्फ मैं और मेरी किताबें होंगी;
दिन भर के लिए मुझे रहना होगा
अपनी उन्हीं किताबों के साथ
बार-बार 'रिवाइज' करने से
कुछ दिनों में ही पीले पड़ जाएँगे जिनके पन्ने
और फट जाएँगे 'एनसीईआरटी' के कुछ पन्ने
मेरी ही लापरवाही से;
पढ़ाई से ध्यान भटकने पर
मुझे मारना होगा एक जोर का थप्पड़
अपने ही गाल पर,
मुझे हर बीस मिनट बाद
दीवार पर टँगी घड़ी देखने की आदत-सी हो जाएगी,
मुझे बनना होगा सन्यासी
जिसे रिश्तों से कोई मतलब नहीं होगा,
मैं नहीं शामिल हो पाऊँगी
किसी दोस्त की बर्थडे पार्टी में,
न ही किसी की शादी में,
ऐसे में मुझसे नाराज हो जाएँगे मेरे कई अपने,
जिन्हें मैं मना भी नहीं पाऊँगी
समयाभाव के चलते;
मुझे रहना होगा सोशल मीडिया से भी दूर,
मुझे रहना होगा हर उस चीज से दूर
जो मेरा समय बर्बाद करते हों,
मुझे मोबाइल तभी छूना होगा
जब मुझे सुनने हों 'अनएकेडमी' पर लेक्चर
या देखनी हो 'इनसाइट्स ऑन इंडिया' की वेबसाइट,
मुझे डालनी होगी आदत
रोज सुबह 'द हिन्दू' पढ़ने की
और उसके कठिन माने न समझ आने पर
मुझे पलटनी पड़ जाएगी 'इंग्लिश टू हिंदी डिक्शनरी';
मैं नहीं देख पाऊँगी 'इंडियन आइडल'
और 'सा रे गा मा पा'
जिसके लिए पहले मैं कर देती थी
अपना हर काम 'पोस्टपोन',
अब मैं खाना खाते हुए भी देखूँगी
राज्यसभा टीवी पर 'विशेष' प्रोग्राम,
कमरे की दीवारों पर टँगे होंगे
भारत और विश्व के भौगोलिक मानचित्र
जिसको देखते हुए ही
मैं जी लूँगी बाहर की खूबसूरत दुनिया,
दीवारों पर लिखे होंगे
न जाने कितने ही मोटिवेशनल कोटेशन
जिन्हें पढ़कर मैं कभी हताश होने पर
पुनः भर जाऊँगी एक नई ऊर्जा से
और लग जाऊँगी अपनी तैयारी में एक बार फिरसे,
और मुझे यह सबकुछ तब तक करना होगा
जब तक कि मैं अपने 'लक्ष्य' पर नहीं पहुँच जाती...
कुछ बड़ा करने के लिए
हमें करना पड़ता है अनुशासन का पालन
और त्यागनी पड़ती हैं अपनी छोटी-छोटी खुशियाँ
ताकि हम ला सकें खुशी
दूसरों के मायूस चेहरों पर !!